औरंगाबाद में युवक की हत्या में पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज
औरंगाबाद में युवक की हत्या में पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज
हापुड न्यूज संवाददाता अनुज सिंधु
सिम्भावली । थाना क्षेत्र के गांव औरंगाबाद में रंजिशन गोलियां बरसाकर युवक की हत्या के मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं बुधवार की शाम मृतक का शव गांव पहुंचा, जिसका परिजनों ने गांव के श्मशान घाट में पुलिस सुरक्षा के बीच गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव औरंगाबाद निवासी बाबूराम का अपने पड़ोसी दूबेराम से नाली को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। जिसे लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो चुकी है। जिसमें दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग और मुचलका पाबंद के तहत कार्रवाई हो चुकी थी। रंजिशन मंगलवार की रात करीब 8 बजे दूबेराम, उसके भाई कपिल गुर्जर उर्फ अजय, खड़का सिंह, मनीष निवासी गांव औरंगाबाद और अमन सिंह निवासी हापुड़ देहात ने घर के बाहर टहल रहे बाबूराम के बेटे विकास(22 वर्ष) को पिस्टल व तमंचों से गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिसकी बक्सर सीएचसी ले जाने के दौरान मौत हो गई। मृतक के पिता बाबूराम की तहरीर पर पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या, बलवा की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।परिजनों ने किया हंगामा
बक्सर सीएचसी में चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजन शव को वापस गांव ले आए, जहां उन्होंने करीब चार घंटे तक शव को कमरे में बंद रखकर पुलिस कार्यप्रणाली के विरोध में जमकर हंगामा किया।
बक्सर सीएचसी में चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजन शव को वापस गांव ले आए, जहां उन्होंने करीब चार घंटे तक शव को कमरे में बंद रखकर पुलिस कार्यप्रणाली के विरोध में जमकर हंगामा किया।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
बाबूराम और दुबेराम के परिवारों के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा है। जिसमें 28 जनवरी को दूबेराम की पत्नी सविता ने रोहताश और विकास के खिलाफ उसके बेटे से मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं 24 मार्च को बाबूराम ने दूबेराम, अजय, मनीष और मोहित पर घर में घुसकर मारपीट, जानलेवा हमला और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन दोनों ही मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की बल्कि पुलिस ने दोनों पक्षों के तीन लोगों के खिलाफ शांति भंग और मुचलका पाबंद की कार्रवाई कर इतिश्री कर ली।
मृतक के दादा ने दी थी अजय की जमानत
ग्रामीणों के अनुसार बाबूराम और दूबेराम के संबंध काफी अच्छे थे। हत्यारोपी अजय पर जनपद मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाने में सात मुकदमे दर्ज हैं। जिसकी गिरफ्तारी के बाद विकास के दादा कमल सिंह ने जमानत भी कराई थी। जमानत होने के बाद से ही अजय फरार चल रहा था। न्यायालय में पेश न होने के चलते गवाह होने के चलते मृतक के परिजनों को भी नोटिस आ रहे थे। जिसके चलते दोनों परिवारों में तनातनी शुरू हुई। छह माह पूर्व कमल सिंह की मृत्यु हो गई। जिसके बाद से बाबूराम व उसके परिजन दूबेराम पर अजय को न्यायालय में पेश करने का दबाव बना रहे थे।
एक हत्यारोपी हिरासत में, अन्य की तलाश जारी
पुलिस क्षेत्राधिकारी गढ़मुक्तेश्वर पवन कुमार ने बताया कि
विकास हत्याकांड के मुख्य आरोपी दुबेराम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। वहीं हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है।
विकास हत्याकांड के मुख्य आरोपी दुबेराम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। वहीं हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है।
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