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जहरीली गैस की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत

जहरीली गैस की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत

जहरीली गैस की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत परिजनों ने किया हंगामा

हापुड न्यूज संवाददाता दिनेश गुप्ता 
पिलखुवा । कपड़ा रंगाई व छपाई फैक्टरी में चादर लेने गए दो भाइयों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। फैक्टरी का कमरा बंद होने के कारण उसमें गैस बन गई थी। हादसे के समय दोनों कमरे से चादर निकालने गए थे। वहीं भाइयों की मौत की खबर सुनकर बहन ने भी खुदकुशी की कोशिश की, उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया और मृतकों को मुआवजा और फैक्टरी संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा ने आक्रोशित लोगों को समझा कर मामला शांत किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं एसडीएम धौलाना सुनीता सिंह ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
स्थानीय मोहल्ला शिवाजी नगर निवासी प्रमोद कुमार की मोहल्ला न्यू आर्यनगर में कालीचरण रंगाई-छपाई के नाम से फैक्टरी है। बृहस्पतिवार को मोहल्ला सद्दीकपुरा हमीद चौकी निवासी 22 वर्षीय नावेद और 24 वर्षीय असलम दोनों सगे भाई धुलाई के लिए चादर लेने फैक्टरी गए थे। दोनों भाई चादर निकालने के लिए फैक्टरी स्थित कमरे में दाखिल हो गए। काफी देर तक दोनों के कमरे से बाहर नहीं आने पर वहां काम कर रहे श्रमिकों ने जाकर देखा तो वह जमीन पर गिर पड़े थे। श्रमिकों ने दोनों को कमरे से बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों भाइयों के शवों को लेकर मजदूर उनके घर पहुंचे। मृतकों को देख मोहल्ले में कोहराम मच गया। घर पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। भाइयों को मृत देख बहन अफरोज ने दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जिसे लोगों द्वारा उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अफरोज की हालत चिंताजनक बनी है।

मृतक के परिजनों की पुलिस से नोकझोंक

घटना से गुस्साए लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा, सीओ पिलखुवा डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ सिटी वैभव पांडेय, धौलाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेने का प्रयास किया, इस दौरान वहां मौजूद लोगों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुईं। एएसपी ने मृतकों के पिता शरफू को कार्रवाई और मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शांत कराया।
एएसपी सर्वेश मिश्रा का कहना है कि अभी तक किसी के द्वारा तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है।
मृतको के परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मिलेंगे 4-4 लाख

एसडीएम सुनीता सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृतकों के परिजनों को राज्य आपदा निधि के अंतर्गत चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। रिपोर्ट और अभिलेख तैयार करने के लिए लेखपाल को नियुक्त कर दिया गया है।
फैक्टरी में पहले भी हो चुका हादसा
कालीचरण रंगाई-छपाई नाम की फैक्टरी में पहले भी हादसा हो चुका है। जहरीली गैस की चपेट में आकर करीब तीन साल पहले एक कारीगर की मौत हो गई थी। हालांकि उस दौरान फैक्टरी मालिक और मृतक के परिजनों में आपस में समझौता हो गया था। जिसके चलते मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा करीब 15 दिन पूर्व एक गत्ता फैक्टरी में गैस बनने के कारण दो मजदूरों की मौत हो चुकी है। करीब चार साल पहले भी हाईवे स्थित एक फैक्टरी में दो लोगों की मौत हो चुकी है।

एनालिन केमिकल से बनती जहरीली गैस

फैक्टरी संचालक चादर की रंगाई के लिए एनालिन केमिकल का प्रयोग करते है। इसके प्रयोग से जहरीली गैस बनती है। नियमानुसार इसका प्रयोग करने के बाद चादर को खुले रखना होता है अर्थात कमरा में जंगला, रोशनदान होना अनिवार्य है। लेकिन फैक्टरी स्थित उक्त कमरे में कोई रोशनदान नहीं था, जिसके कारण जहरीली गैस बन गई।

एएसपी ने दिए कार्रवाई के आदेश

एएसपी और एसडीएम ने बिना मानक संचालित फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश फायर स्टेशन प्रभारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए है। दोनों अधिकारियों ने फोन पर पिलखुवा और धौलाना में ऐसे कारखानों और फैक्टरियों की जांच कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
अविवाहित थे दोनों म्रतक 
गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के गांव चित्तौड़ा निवासी शरफू दस साल पहले पिलखुवा आया था। इसके दो पुत्री और दो पुत्र थे। सभी अविवाहित थे। वर्तमान में वह मोहल्ला सद्दीकपुरा के हमीद चौक स्थित एक किराये के मकान में रहता है। शरफू का सबसे बड़ा पुत्र असलम, दूसरे नंबर का नावेद था। जिनकी मौत हो गई। तीसरे नंबर की बेटी अफरोज अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। चौथे नंबर बेटी गुलशन का रो-रो कर बुरा हाल है।

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