HAPUR NEWS : बर्फबारी के बीच 30 घंटे तक भूखे प्यासे फंसे रहे दो भाई
बर्फबारी के बीच 30 घंटे तक भूखे प्यासे फंसे रहे दो भाई
हापुड न्यूज संवाददाता
हापुड़। यूक्रेन में फंसे जिले के तीन और छात्र सोमवार देर रात अपने घर पहुंच गए। छात्रों ने बताया कि रोमानिया बॉर्डर पर भारी बर्फबारी के बीच 30 घंटे तक भूखे-प्यासे फंसे रहे। अभी भी जिले के दो छात्र यूक्रेन में फंसे बताए जा रहे हैं। उनसे जिला प्रशासन से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
सुल्तानपुर निवासी दो भाई समीर और शादाब ने बताया कि खारकीव में कई दिन फंसे रहने के बाद जैसे-तैसे वे रोमानिया बार्डर पहुंचे। सफर के दौरान लगातार बमबारी हो रही थी। यूनिवर्सिटी की बस से जब वह बार्डर के लिए निकले तभी रूसी फाइटर जेट की ओर से बमबारी शुरू कर दी गई। बचते-बचाते जैसे-तैसे बार्डर पर पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद बर्फबारी शुरू हो गई। करीब 30 घंटे तक भयंकर बर्फबारी के बीच माइनस 10 डिग्री तापमान में बार्डर पार करने का इंतजार करते रहे। ग्रुप में करीब 250 छात्र थे, सभी का खाना खत्म हो गया था। बार्डर पार करने का समय आया तो धक्कामुक्की और आपाधापी में ढाई घंटे लग गए। रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंचकर सभी को खाने के लिए कुछ मिल पाया।
सुल्तानपुर निवासी दो भाई समीर और शादाब ने बताया कि खारकीव में कई दिन फंसे रहने के बाद जैसे-तैसे वे रोमानिया बार्डर पहुंचे। सफर के दौरान लगातार बमबारी हो रही थी। यूनिवर्सिटी की बस से जब वह बार्डर के लिए निकले तभी रूसी फाइटर जेट की ओर से बमबारी शुरू कर दी गई। बचते-बचाते जैसे-तैसे बार्डर पर पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद बर्फबारी शुरू हो गई। करीब 30 घंटे तक भयंकर बर्फबारी के बीच माइनस 10 डिग्री तापमान में बार्डर पार करने का इंतजार करते रहे। ग्रुप में करीब 250 छात्र थे, सभी का खाना खत्म हो गया था। बार्डर पार करने का समय आया तो धक्कामुक्की और आपाधापी में ढाई घंटे लग गए। रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंचकर सभी को खाने के लिए कुछ मिल पाया।
मिसाइल का मलबा उछलकर ऊपर गिरा
गांव मुरादपुर निजामसर निवासी विकुल चौधरी पुत्र हरि प्रकाश सिंह भी खारकीव में फंस गया था। विकुल वायु सेना की विशेष फ्लाइट से सोमवार रात हिंडन पहुंचा था। विकुल ने बताया कि उसने पांच दिन खारकीव में ही एक बंकर में बिताया। खाने की तलाश में बंकर से निकले तभी तभी कुछ दूरी पर एक मिसाइल आकर गिर गई। धमाके बाद मलबा छात्रों के ऊपर भी आकर गिर गया। इसके बाद भगदड़ मच गई। जैसे तैसे सभी लोग दोबारा बंकर तक पहुंचे। इसके बाद सभी ने पैदल ही निकलने का प्लान बनाया। तीस किलोमीटर तक पैदल चला। दो गांवों में शरण लेते हुए वे पिशाचिन पहुंचे। वहां से बस से लवीव होते हुए पोलैंड बार्डर।
अभी भी दो छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की आशंका
जिला आपदा अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि दो और छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की आशंका है। उनके मोबाइल नंबर से संपर्क नहीं हो पा रहा है। संपर्क कर जल्द ही उन्हें निकाल लिया जाएगा।
गांव मुरादपुर निजामसर निवासी विकुल चौधरी पुत्र हरि प्रकाश सिंह भी खारकीव में फंस गया था। विकुल वायु सेना की विशेष फ्लाइट से सोमवार रात हिंडन पहुंचा था। विकुल ने बताया कि उसने पांच दिन खारकीव में ही एक बंकर में बिताया। खाने की तलाश में बंकर से निकले तभी तभी कुछ दूरी पर एक मिसाइल आकर गिर गई। धमाके बाद मलबा छात्रों के ऊपर भी आकर गिर गया। इसके बाद भगदड़ मच गई। जैसे तैसे सभी लोग दोबारा बंकर तक पहुंचे। इसके बाद सभी ने पैदल ही निकलने का प्लान बनाया। तीस किलोमीटर तक पैदल चला। दो गांवों में शरण लेते हुए वे पिशाचिन पहुंचे। वहां से बस से लवीव होते हुए पोलैंड बार्डर।
अभी भी दो छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की आशंका
जिला आपदा अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि दो और छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की आशंका है। उनके मोबाइल नंबर से संपर्क नहीं हो पा रहा है। संपर्क कर जल्द ही उन्हें निकाल लिया जाएगा।
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